Friday, 12 July 2013

ऐसे होते हैं हिन्दू राष्ट्रवादी...!!!

ऐसे होते हैं हिन्दू राष्ट्रवादी...!!!
उत्तराखंड के आपदा पीड़ितों के लिये 9 जुलाई को अहमदाबाद से एक पूरी रेलगाड़ी राहत सामग्री भरकर रवाना की गयी.
इसमें विशिष्ट तथ्य यह है कि, यह राहत सामग्री नासपीटे और उसकी नासपीटी अम्मा द्वारा झंडी दिखाकर ट्रकों में भरकर राहत सामग्री के नाम पर भेजे गये चीथड़ों और सड़ी-गली खाद्य सामग्री जैसी नहीं है. इसके बजाय गुजरात सरकार ने जनसहयोग से घी, तेल, शक्कर, नमक, मसाले, स्टोव, छाता, टेंट, साबुन, तौलिया, कंघा, नाश्ता, पानी,सरीखी दैनिक प्रयोग/उपयोग वाली 38 वस्तुओं का एक पैकेट बनाकर ऐसे 15 हज़ार पैकेट राहत सामग्री के रूप में भेजें हैं.
गाड़ी रवाना होते समय नासपीटे और उसकी नासपीटी अम्मा की तरह नरेन्द्र मोदी ने ना तो गाड़ी को झंडी दिखाते हुए अपनी फोटो खिंचवायी ना ही बैनर पर अपनी फोटो छपवायी. लेकिन यह खबर आजतक किसी न्यूज चैनल ने नहीं दिखाई, इसके बजाय न्यूज चैनलों का यह ''कुकुर विलाप'' आज भी जारी है कि, मोदी ने उत्तराखंड में केवल गुजरातियों की मदद की.
खबर की पुष्टि के लिए देखें ये लिंक
http://deshgujarat.com/2013/07/09/a-train-full-of-relief-material-for-uttarakhand-leaves-ahmedabad/ 

Wednesday, 3 July 2013

तालिबानी जिहादी गुंडों का मीडिया विभाग भारत में भी बहुत मजबूत...

अब तक लाहौर और कराची से जारी होने वाले बयानों के चलते लश्कर और तालिबान के प्रवक्ताओं उनके मीडिया मैनेजरों से तो परिचित था,
लेकिन पिछले दिनों से कुछ न्यूज चैनलों के एंकरों को अपना एंकरिंग का पेशा छोड़ कर इशरत जहां और उसके पाकिस्तानी आतंकी साथियों के लिए बुरी तरह तड़पते-बिलखते-छटपटाते देखकर यह ज्ञात हुआ कि, लश्कर के आतंकी लफंगों और तालिबानी जिहादी गुंडों का मीडिया विभाग भारत में भी बहुत मजबूत है

Tuesday, 2 July 2013

यूपीए सरकार ने 
सुप्रीम कोर्ट के सामने 
माना है कि देश में 
नैशनल हाइवे प्रॉजेक्ट ने 
वाजपेयी सरकार के 
कार्यकाल में रफ्तार पकड़ी।
पिछले 32 सालों में 
तैयार किए गए 
नैशनल हाइवे का 
आधा हिस्सा 
वाजपेयी सरकार के 
6 साल के 
कार्यकाल में 
तैयार हुआ।
खबर की 
पुष्टि के लिए 
देखें ये लिंक 
http://navbharattimes.indiatimes.com/india/national-india/nda-put-nhs-on-fast-track-centre/articleshow/20874411.cms

Wednesday, 1 May 2013

पिछले 20-25 वर्षों का मेरा अनुभव...

मई दिवस पर ट्रेड यूनियन के दफ्तरों, प्रेस क्लबों में आज जलसों का जलवा होगा.
श्रम दिवस (मई दिवस) की महत्ता के गीत गाये जायेंगे, फोटो खिंचवाए जायेंगे, 
इन आयोजनों में भ्रष्ट से भ्रष्टतम नेताओं को मुख्य अतिथि बनाकर उसके सामने वेतन, भत्ते, छुट्टियों और सुविधाओं का वार्षिक विलाप किया जाएगा. उस नेता से सम्बन्धित भविष्य के जुगाड़ (व्यक्तिगत) ढूंढें जायेंगे 
और अंत में औकात के हिसाब से देसी से लेकर बेहतरीन स्कॉच तक गटकी जायेगी.
लेकिन सरकारी आंकड़ों के अनुसार २ करोड़ और गैर सरकारी संस्थाओं संस्थानों के अनुसार जो ५ करोड़ बच्चे 12 से 15 घंटे अपना खून पसीना एक करके मिलने वाली शर्मनाक, प्रतीकात्मक मजदूरी से दो वक्त की रोटी का इन्तिज़ाम करते हैं. उनकी व्यथा के बारे में एक शब्द नहीं बोला जाएगा .
पिछले 20-25 वर्षों का मेरा अनुभव तो यही बताता है

Sunday, 14 April 2013

जरा गौर कीजिए ''टोपीबाज़'' नितीश की जमीनी उपलब्धियों पर...

क्योंकि नितीश कुमार के पास नरेन्द्र मोदी की क्षमताओं योग्यताओं और उपलब्धियों के विरोध में कुछ भी कहने को है ही नहीं इसीलिए पूरे देश को अपनी तरह ''टोपी'' पहनने और पहनाने की बात कर आज दिल्ली में नितीश ने नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। नीतीश की इस कुटिल कोशिश पर मोदी विरोधी कुछ चैनली भटियार खाने मतवाले हो रहे हैं. पूरे देश को नितीश मार्का ''टोपी'' पहनने-पहनाने की नितीशी कोशिशों का महिमामंडन भटियारों की तरह कर रहे हैं. लेकिन ये भटियार ये नहीं बता रहे हैं कि नितीश ने पिछले 8 सालों में बिहार को किस तरह टोपी पहनाई है.
जरा गौर कीजिए ''टोपीबाज़'' नितीश की जमीनी उपलब्धियों पर.
आज जब ''टोपीबाज़'' नितीश का दिल्ली में टोपीपुराण चल रहा था ठीक उसी समय देश की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा जारी की गयी एक खबर यह बता रही थी कि,''टोपीबाज़'' नितीश के बिहार में पाइप लाइन के जरिये केवल 4% पेयजल की आपूर्ति होती है और 12536 गाँवों में लोग लोहा आर्सेनिक और फ्लोराइड युक्त जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं...!!!
इस खबर के अलावा ''टोपीबाज़'' नितीश की एक और जमीनी उपलब्धि यह है कि बिहार में 7204 गावों में बिजली है ही नहीं तथा तथा लगभग 2000 मेगावाट आवश्यकता की मांग की पूर्ति केवल 1137 मेगावाट से होती है, वह भी चालीस प्रतिशत सेंट्रल पूल से लेने के बाद तथा राष्ट्रीय औसत से ढाई गुना तथा बिहार से टूटकर अलग हुए झारखंड से दो गुना अधिक बेरोजगारी ''टोपीबाज़'' नितीश शासित बिहार में है

Wednesday, 10 April 2013

अजब-गजब ''कामयोद्धाओं'' का गैंग है कांग्रेस...

वाकई में क्या अजब-गजब ''कामयोद्धाओं'' का गैंग है कांग्रेस 
तिवारी,मदेरणा,सिंघवी,कांडा,सुरजेवाला की ''जवानी का जोर'' देख चुके देश को अब कांग्रेसी सरकार का मंत्री पवार अपनी शक्तिशाली किडनी के दम से महाराष्ट्र में एक पूरे बाँध को लबालब करके महाराष्ट्र का सूखा दूर करने का चमत्कार दिखाने को बावला-बेताब हो रहा है