Saturday, 21 December 2013

केजरीवाल की इस बेशर्मी के मायने.?


महाराष्ट्र सरकार ने आदर्श घोटाले पर न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत कई नेताओं को वैधानिक प्रावधानों के गंभीर उल्लंघनों का दोषी ठहराया गया था। हाई कोर्ट के रिटायर जज जे.ए. पाटिल की अध्यक्षता वाले 2 सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट में इससे संबद्ध लोगों पर कड़े प्रहार करते हुए कहा गया है कि आदर्श सोसायटी को पूर्व मुख्यमंत्रियों विलासराव देशमुख, सुशील कुमार शिंदे और अशोक चव्हाण, पूर्व राजस्व मंत्री शिवाजीराव पाटिल, पूर्व शहरी विकास मंत्री सुनील तत्करे और पूर्व शहरी विकास मंत्री राजेश तोपे का राजनीतिक संरक्षण हासिल था। अशोक चव्हाण ऐसे अकेले मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें सीबीआई ने घोटाले में आरोपित किया, लेकिन राज्यपाल के शंकरनारायणन ने कुछ दिन पहले जांच एजेंसी को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया। आदर्श हाउसिंग सोसायटी के लाभार्थियों में विभिन्न दलों के राजनेता और उनके संबंधी शामिल हैं।

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