Wednesday, 11 January 2012

"पप्पू" पास होगा या फेल...???

 इन दिनों "पप्पू" ने
नेतागिरी का इम्तिहान
पास करने की
तीसरी कोशिश के लिए
उत्तरप्रदेश को
अपना परीक्षा केंद्र बनाया है.
नेतागिरी के सबसे बड़े कॉलेज की सबसे ऊंची क्लॉस में "मृतक आश्रित" कोटे से एडमिशन मिलने के बाद से पप्पू नेतागिरी का कोई इम्तिहान पास नहीं कर पाया है, 2009 में पहला इम्तिहान दिया तो पासिंग मार्क्स(बहुमत) तक भी नहीं पहुँच पाया तथा जो और जितने नम्बर पाया भी वो उस कॉलेज के "सरदार" की तथाकथित शराफत के रिपोर्ट कॉर्ड की भेंट चढ़ गए..
इसके बाद इम्तिहान पास करने के लिए पप्पू अपना "परीक्षा केंद्र" बिहार को बनवाया, लेकिन वहां के एक्जामिनर(मतदाता) इतने सख्त और समझदार निकले की पप्पू को प्राप्त अंकों(सीटों) का आकड़ा दो अंकों तक भी नहीं पहुंचा. हालत इतनी बदतर हुई की कॉलेज से "पप्पू" का नाम काट देने, उसको नेतागिरी छोड़ देने तक की सलाहें भी दीं जाने लगीं थीं. लेकिन "पप्पू" को प्राप्त मृतक आश्रित कोटे का विशेषाधिकार "पप्पू" के काम आ गया उसी कोटे ने ही उसकी रक्षा की. अब इन दिनों "पप्पू" ने नेतागिरी का इम्तिहान पास करने की तीसरी कोशिश के लिए उत्तरप्रदेश को अपना परीक्षा केंद्र बनाया है. इस तीसरी और आखिरी कोशिश में "पप्पू" को पास कराने के लिए पप्पू का पूरा कॉलेज हर सही गलत हथकंडा आजमा रहा है. धार्मिक आरक्षण के गोरख धंधे से लेकर जातिवादी जहरके नशे तक पूरे हथियारों हथ
कंडों को जमकर आजमाया जा रहा है. लेकिन "पप्पू" ऐसे हथियारों हथकंडों को देखने सुनने में उत्तरप्रदेश के एक्जामिनर कोई रूचि नहीं दिखा रहे हैं. इसके बावजूद खबरिया चैनलों पर "पप्पू" के उत्तर प्रदेश दौरे में दिए जा रहे भाषण तो बिना कांट-छांट के पूरे-पूरे दिखाये जा रहे है और एक दिन में कई-कई बार दिखाए जा रहे हैं, लेकिन अनाडी "पप्पू" के खिलाड़ी हथकंडों को देखने पहुँचने वाले दर्शकों के जमावड़े को बिलकुल नहीं दिखाने की विशेष सावधानी खबरिया चैनल बरत रहे हैं क्योंकि "पप्पू" की अपार लोकप्रियता का शर्मनाक सच उजागर हो जाएगा, यही नहीं किसी भी अख़बार में "पप्पू" की फोटुएं तो खूब छप रही हैं, लेकिन उसकी सभा की भीड़ की फोटो कोई नहीं देखी....
हथकंडों की हद तो यह है की देवरिया के चौरिचारा में हुई 4-5 हज़ार लोगों वाली "पप्पू" की जनसभा का समाचार "हिंदुस्तान" सरीखे राष्ट्रीय समाचारपत्र के मुखपृष्ठ पर 8 कॉलम के बैनर के साथ छपा.
लेकिन "पप्पू" के इस सबसे कठिन और शायद आखिरी इम्तिहान का नतीजा अभी भी साफ़ नहीं हो सका है, कुछ लोग "पास" कह रहे हैं तो बहुत लोग "फेल"....
देश भी उत्तरप्रदेश की जनता के फैसले का इन्तिज़ार कर रहा है और सोच रहा है कि
"पप्पू" पास होगा या फेल...???