Tuesday, 3 January 2012

अन्ना ये सफ़ेद हाथी क्यों पाले हैं.?


यदि अन्ना बीमार हैं 
इसलिए अब अनशन नहीं कर पायेंगे, 
5 राज्यों के विधान सभा चुनावों में 
कांग्रेस विरोधी प्रचार करने नहीं जा पायेंगे 
तो अन्ना की टीम के 
हट्टे-कट्टे 22 जनलोकपाली मुश्टंडे भी 
अनशन क्यों नहीं कर सकते.
ये 22 मुश्टंडे उन पाँच राज्यों में 
कांग्रेस विरोधी प्रचार करने 
क्यों नहीं जा सकते.? 
अन्ना ये सफ़ेद हाथी क्यों पाले हैं .?
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रा ध्यान दीजिये कि जिन पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं उनमे से दो राज्यों गोवा और 
मणिपुर के परिणामों का कोई विशेष महत्व नहीं है.
कुछ मीडियाई भांड(खबरिया चैनल) प्रायोजित हो-हल्ला खूब कर रहे हैं लेकिन उत्तरप्रदेश में कांग्रेस के चौथे नम्बर के बजाय तीसरे नम्बर पर आने की संभावनाएं भी पूरी तरह शून्य ही हैं. शेष दो राज्यों उत्तराखंड और पंजाब में भाजपा तथा भाजपा गठबंधन की सरकारें है और इन दोनों राज्यों में भाजपा एवं उसके गठबंधन का कांग्रेस से सीधा मुकाबला होगा, क्योंकि कोई तीसरा महत्वपूर्ण राजनीतिक दल दोनों ही राज्यों में सक्रिय नहीं है.
इन राज्यों में कांग्रेस कि सत्ता में वापसी की भी संभावनाएं हैं. इन दोनों ही राज्यों में मतदान 30 जनवरी तक संपन्न हो जायेगा. और गज़ब संयोग देखिये कि अन्ना के सर्दी जुकाम बुखार के कारण पूरा अन्ना गैंग अब इस महीने, यानि 31 जनवरी तक किसी भी प्रकार की आन्दोलनकारी सक्रियता से दूर रहेगा..!!! आसानी से समझा जा सकता हैंकि इसका लाभ किसको मिलेगा...? चलिए अन्ना को सर्दी जुकाम बुखार जैसी इतनी गंभीर...!!! जानलेवा...!!! बीमारियों ने घेर लिया है कि वो एक महीने तक कुछ बोल भी नहीं सकेंगे और कोई अपील भी जारी नहीं कर सकेंगे... लेकिन पिछले 9 महीनों से पूरे देश का ठेका अपने कन्धों पर लेकर घूम रही 22 सदस्यीय टीम अन्ना को लकवा क्यों मार गया है.?
याद रहे कि ये वही टीम है जिसने बहुत गरजते हुए पाँचों राज्यों में कांग्रेस का विरोध करने का डंका जोर शोर से पीटा था.
http://in.jagran.yahoo.com/news/national/general/Anna-advised-month-s-rest_5_1_8711709.html